Cibil Score Kaise Badhaye -100% Guarantee

Cibil Score Kaise Badhaye-अगर आप कोई लोन या क्रेडिट कार्ड लेना चाहते हैं और बैंक आपको लोन देने से मना कर रहा हैं तो हो सकता हैं कि आपका सिबिल स्कोर कम हो। आपकी सैलरी या इनकम चाहे कितनी भी अच्छी हो अगर आपका सिबिल स्कोर अच्छा नहीं होगा तो आपको इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं।


सिबिल स्कोर क्या होता हैं – ये एक तीन अंको की संख्या होती हैं जो कि 300 से 900 के बीच होती हैं। ये क्रेडिट स्कोर आपकी क्रेडिट और रीपेमेंट हिस्ट्री के आधार पर निकाला जाता हैं। अमूमन 750 या अधिक का सिबिल स्कोर बढ़िया माना जाता हैं।

Cibil Score बढ़ाने से पहले ये जानना बहत जरूरी है की सीबील स्कोर क्यूँ गिरता है । चलीये जानते हैं की cibil score गिरने की वजह क्या क्या हो सकता है ।

Cibil Score क्यूँ गिरता है ?

सिबिल स्कोर कम होने के कई कारण हो सकते हैं। परंतु इसका मुख्य कारण होता हैं खराब क्रेडिट हिस्ट्री। इसलिए क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने से पहले आपको पता होना चाहिए कि आपका क्रेडिट स्कोर किस वजह से कम हुआ हैं। सिबिल स्कोर निम्न पैरामीटर के आधार पर तय होता हैं –

पेमेंट हिस्ट्री – 30%
क्रेडिट एक्सपोजर – 25%
क्रेडिट टाइप एंड ड्यूरेशन – 25%
अन्य – 20%

(i) लोन या क्रेडिट कार्ड पेमेंट में डिफॉल्ट करना

लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड dues का सही समय पर भुगतान नहीं करने से आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता हैं। नियमित रूप से पेमेंट डिफॉल्ट करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता हैं।

पेमेंट डिफॉल्ट के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि आप वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे हैं या क्रेडिट कार्ड पर कोई डिस्प्यूट।

(ii) बहत ज्यादा Un-Secured Loan लेना

अगर आपके पास में Secured Debt की तुलना में अनसिक्योर्ड डेब्ट बहुत ज्यादा हैं तो भी आपका सिबिल स्कोर कम हो सकता हैं। अनसिक्योर्ड डेब्ट वो ऋण होते हैं जिनके बदले आपकी तरफ से कोई कॉलेटरल नहीं रखा गया हैं जैसे कि पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड आदि।

सिक्योर्ड डेब्ट में कार लोन, होम लोन आदि शामिल होते हैं।

(iii) ज्यादा लिवरेज

आप अपनी लोन लिमिट या क्रेडिट लिमिट को कितना इस्तेमाल करते हो वह लिवरेज होता हैं। उदाहरण के लिए आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट ₹50,000 हैं और आप 40-45 हज़ार प्रति महीना खर्च कर देते हैं तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता हैं।

चाहे आप अपने ड्यूज का सम्पूर्ण भुगतान नियत तिथि से पहले ही क्यों ना कर रहे हो अगर आप क्रेडिट लिमिट का अधिक प्रयोग करेंगे तो भी ये आपकी क्रेडिट रेटिंग कम कर सकता हैं।

(iv) बहत ज्यादा क्रेडिट करना

नियमित या कम समय अंतराल में ज्यादा क्रेडिट इंक्वायरी होने से भी क्रेडिट स्कोर कम हो सकता हैं। जैसे कि आपने दो-तीन महीने में ही 3 से 4 बार क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए अप्लाई किया हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता हैं।

यहां एक बात ध्यान देने योग्य है कि जब भी आप खुदअपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं तो यह सॉफ्ट इंक्वायरी की कैटेगरी में आता है। इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता हैं।

(v) जॉइंट लोन या गारंटर

जॉइंट लोन के मामले में सभी ऋणियों के सिबिल स्कोर पर प्रभाव हैं। गारंटर होने की स्थिति में यदि लोन लेने वाला डिफॉल्ट करता हैं तो इसका नकारात्मक प्रभाव गारंटर के सिबिल स्कोर पर भी पड़ता हैं।

अगर आप किसी फर्म या कंपनी में पार्टनर हैं और उसका कोई जॉइंट लोन हैं और कंपनी लोन डिफ़ॉल्ट करती हैं। इस केस में आपका भी क्रेडिट स्कोर ख़राब होगा।

(vi) क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी

कई बार हो सकता हैं की आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई जानकारी गलत आ रही हो जिससे आपका क्रेडिट स्कोर कम हो गया हो। जैसे कि इनकरेक्ट ओपन अकाउंट्स, आपने कोई लोन सेटल कर दिया हो और अपडेट नहीं हुआ हो।

ऐसी त्रुटि के बारे में आप सिबिल में जानकारी देकर अपनी त्रुटि सुधार सकते हैं।

इससे भी पढे : Cibil Score कैसे चेक करें फ्री में

सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाए ( Cibil Score Kaise Badhaye )

अगर आपका सिबिल स्कोर किसी कारणवश कम हो गया हैं तो सिबिल स्कोर ठीक करने से पहले आपको उसके कारण को खोजने की जरूरत हैं। अगर आप ये जान लेते हैं की आपका सिबिल स्कोर किस वजह से कम हुआ हैं तो आपको कम समय में ही अच्छे नतीजे प्राप्त हो सकते हैं।

(i) समय से अपने Loans और क्रेडिट कार्ड का भुगतान करें

अपना सिबिल स्कोर कैसे ठीक करें इसका सबसे सीधा उत्तर हैं अपने भुगतान समय पर करें। आपको अपना क्रेडिट स्कोर को सुधारना हैं या मेंटेन रखना हैं तो आपको अपनी EMI और क्रेडिट कार्ड का भुगतान नियत तिथि तक नियमित रूप से करना ही चाहिए।

अगर किसी की वित्तीय हालत खराब हैं तभी भी उसे कम से कम न्यूनतम राशि का भुगतान तो करना ही चाहिए। इससे सिबिल रिपोर्ट में आप डिफाल्टर घोषित नहीं होंगे।

लेकिन अगर आप समस्त देय राशि को भरने में सक्षम हैं तो आपको हमेशा पूरा भुगतान करना चाहिए। अगर आप अपने dues का भुगतान करना भूल जाते हैं तो आपको ECS, ऑटो डेबिट का प्रयोग करना चाहिए।

क्रेडिट कार्ड का भुगतान करने के लिए आप CRED ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपको देय तिथि से पूर्व ही रिमाइंडर मिल जाता हैं। साथ ही क्रेडिट कार्ड भुगतान पर कैशबैक भी प्राप्त होता हैं।

(ii) क्रेडिट लिमिट का उपयोग

अगर आप एक सीमा में अपनी क्रेडिट लिमिट का उपयोग करेंगे तो आपका क्रेडिट स्कोर स्वतः ही बढ़ने लगेगा। आदर्श रूप से आपको कुल लिमिट का 30% से अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। अगर आप अपनी पूरी लिमिट का इस्तेमाल करते हैं तो यह माना जाता है की आप काफी उधार पसंद व्यक्ति हैं जिससे आपका सिबिल स्कोर गिरने लगता हैं।

अगर आपकी क्रेडिट लिमिट ₹1,00,000 तो आप को अधिकतम ₹30.000 से अधिक क्रेडिट लिमिट का उपयोग नहीं करना चाहिए। अगर आप कुछ महीनों तक अपनी क्रेडिट लिमिट को अनुशासित रूप से प्रयोग करेंगे तो आपका क्रेडिट स्कोर अपने आप बढ़ने लगेगा।

साथ में अगर आपकी कोई EMI चल रही हैं तो वो भी आपकी सैलरी के 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

FD के Against Secured Loan जरूर ले

अगर आपके पास सिक्योर्ड डेब्ट आपके अनसिक्योर्ड डेब्ट के मुकाबले ज्यादा होंगे तो यह आपके क्रेडिट स्कोर के लिए अच्छा होगा। अनसिक्योर्ड डेब्ट्स जैसे कि पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड को आपको अपने कुल डेब्ट के 20% से अधिक नहीं रखना चाहिए।

क्रेडिट स्कोर ठीक करने के लिए आप सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं जो की आपकी फिक्स्ड डिपाजिट की एवज में जारी किया जाता हैं। साथ ही आपको अलग-अलग पर्सनल लोन लेने से भी बचना चाहिए।

इस तरह आप सिक्योर्ड डेब्ट और अनसिक्योर्ड डेब्ट के सही संतुलन द्वारा अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ा सकते हैं।

(iv) कम समय अवधि में अधिक लोन लेने से बचें

अच्छे क्रेडिट स्कोर के लिए आपको कम अवधि में एक से अधिक लोन लेने से बचना चाहिए। अगर आप पुराने किसी लोन को सफलतापूर्वक चुका देते हैं तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर बूस्ट होता हैं।

सिबिल स्कोर अच्छा रखने के लिए 2-3 महीनों के अंतराल में एक से अधिक लोन न ले।

(v) लोन की अवधि को लंबी रखे

जब भी आप कोई लोन लेते हो तो उसकी अवधि को लंबी रखने का प्रयास करें। लोन की अवधि लंबी होने से यह सुनिश्चित हो जाता हैं कि लोन की EMI कम होगी जिससे EMI डिफॉल्ट करने की संभावना कम हो जाती हैं।

इस तरह अगर आप अपने डेब्ट्स का नियमित रूप से भुगतान करेंगे तो आपकी सिबिल में अच्छी छवि बनने लगेगी जिसका असर आपको अपनी सिबिल रिपोर्ट में देखने को मिलेगा।

(vi) क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ाने का प्रयास करें

अगर आपको आपका बैंक क्रेडिट कार्ड की अधिक लिमिट ऑफर कर रहा हैं तो वो बढ़ी हुई लिमिट आपको एक्सेप्ट कर लेनी चाहिए। इससे आपकी स्पेंडिंग का अनुपात आपकी लिमिट के अनुपात में कम हो जाएगा। लिमिट के अनुपात में बहुत कम खर्च सिबिल स्कोर के लिए एक अच्छा सिग्नल माना जाता हैं।

इस वजह से आपका क्रेडिट स्कोर धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।

(vii) सिबिल स्कोर की errors को देखें

कई बार हो सकता हैं कि आपके सिबिल रिपोर्ट में कोई त्रुटि के कारण आपका सिबिल स्कोर कम हो गया हो। इसलिए वर्ष में एक बार तो आपको अपनी सिबिल रिपोर्ट को देखना ही चाहिए।

अगर आपको अपनी सिबिल रिपोर्ट में कोई त्रुटि नजर आए तो आप Raise a Dispute पर जाकर इसे ठीक करवा सकते हैं।

आखरी बात

आज के समय में सिबिल स्कोर का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया हैं। अगर आपको क्रेडिट कार्ड लेना हैं या कोई लोन सबसे पहले आपका सिबिल स्कोर ही चेक किया जाता हैं।

इसलिए एक समझदार व्यक्ति की भांति आपको अपने सभी ड्यूस का भुगतान समय से करना चाहिए जैसे कि क्रेडिट कार्ड और लोन की EMI. धीरे-धीरे आपका क्रेडिट स्कोर आपका खुद-ब-खुद ही बढ़ने लगेगा।

दोस्तों, आज इस आर्टिकल के माध्यम से आपने जाना की अपना सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाए (How to improve Cibil score) या अपना सिबिल स्कोर कैसे ठीक करें।

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